निरंकुश अफसरशाही के विरोध में व्यापारियों ने आज किया बंद का ऐलान, कलेक्टर ने गठित की जांच समिति
फूड सेफ्टी अधिकारी पर घर में घुसकर महिला से दुर्व्यवहार का आरोप, एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग

बीजापुर (हिन्दसत)। फूड सेफ्टी अधिकारी दीपक देवांगन पर लगाए गए कथित दुर्व्यवहार और घर में जबरन प्रवेश के आरोपों को लेकर बीजापुर के व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारी संघ ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग करते हुए गुरुवार को बाजार बंद रखने की घोषणा की है।
बीजापुर व्यापारी संघ के अध्यक्ष ईश्वर सोनी ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 2 बजे स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी अधिकारी दीपक देवांगन और सीएमएचओ कार्यालय के कर्मचारी टांडिया होटल व्यवसायी रामु गुप्ता के घर पहुंचे। आरोप है कि जांच के नाम पर उन्होंने घर में जबरन प्रवेश करने का प्रयास किया तथा घर में मौजूद अकेली महिला के साथ अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की की। घटना के संबंध में कोतवाली थाना में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
व्यापारी संघ का कहना है कि जब तक संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ ने चेतावनी दी है कि पहले बीजापुर मुख्यालय स्तर पर बंद रखा जाएगा, इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को जिला और संभाग स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

कलेक्टर ने लिया संज्ञान, दो सदस्यीय जांच समिति गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार अपर जिला दंडाधिकारी (एडीएम) सहित दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी।
समिति को सभी पक्षों के बयान दर्ज करने, उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों का परीक्षण करने तथा सात दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
गौरतलब है कि फूड सेफ्टी अधिकारी दीपक देवांगन पर होटल व्यवसायी रामु गुप्ता के घर पहुंचकर महिला के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए गए हैं। इस घटना के बाद व्यापारी वर्ग में रोष फैल गया है और व्यापारी संगठन ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
कलेक्टर द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें-
- फूड सेफ्टी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
- मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।
- महिला के साथ कथित अभद्र व्यवहार की जांच हो।
- कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी।

