जिला पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब चुनाव: अध्यक्ष पद के लिए पांच दावेदार मैदान में
19 अगस्त तक लिए जाएंगे नामांकन पत्र, चुनाव चिन्ह आवंटन से पहले ही एआई आधारित प्रचार ने पकड़ी रफ्तार

बीजापुर (हिन्दसत)। जिला पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब बीजापुर के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया जारी है और अध्यक्ष पद के लिए पांच दावेदार मैदान में उतर चुके हैं। चुनावी मुकाबले को लेकर पत्रकारों के बीच चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। खास बात यह है कि प्रत्याशियों को अभी चुनाव चिन्हों का आवंटन नहीं हुआ है, इसके बावजूद सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित प्रचार सामग्री का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
संभावित प्रत्याशी और उनके समर्थक एआई की मदद से पोस्टर, बधाई संदेश, प्रचार सामग्री और आकर्षक डिजिटल डिजाइन तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर रहे हैं। इससे चुनाव प्रचार का स्वरूप पहले की तुलना में अधिक आधुनिक और तकनीक आधारित नजर आने लगा है।

निर्वाचन अधिकारी अशोक मिश्रा ने बताया कि 16 अगस्त से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया के तहत अब तक कुल 12 नामांकन पत्र जारी किए जा चुके हैं। इनमें अध्यक्ष पद के लिए 5, सचिव पद के लिए 4 तथा कोषाध्यक्ष पद के लिए 3 नामांकन पत्र लिए गए हैं।
अध्यक्ष पद के लिए कमलेश पैंकरा, के. संतोष कुमार, गणेश मिश्रा, ईश्वर सोनी और बी. गौतम राव ने नामांकन पत्र प्राप्त किया है। सचिव पद के लिए इरशाद खान, आशीष पदमवार, बसंत मामडीकर तथा बी. गौतम राव ने फार्म लिया है। वहीं कोषाध्यक्ष पद के लिए बी. गौतम राव, सिरोज विश्वकर्मा और प्रशुन शर्मा ने नामांकन पत्र प्राप्त किए हैं।

गौरतलब है कि निर्वाचन कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची का प्रथम प्रकाशन 1 अगस्त को किया गया था। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में 19 सदस्यों को निष्कासित करते हुए 46 सदस्यों की संशोधित मतदाता सूची 13 अगस्त को जारी की गई थी।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 19 अगस्त दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है। नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त दोपहर 1 बजे तक रहेगी। 21 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच, 22 अगस्त को नाम वापसी तथा 23 अगस्त को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान 31 अगस्त को होगा तथा उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
चुनाव चिन्हों के आवंटन से पहले ही प्रचार गतिविधियों में आई तेजी और एआई के बढ़ते उपयोग ने इस बार के चुनाव को विशेष चर्चा का विषय बना दिया है।


